लाठियों से नहीं दबेगी संविधान की आवाज : अनिल कल्ला कलेक्ट्रेट तक निकाला पैदल मार्च
गोविंदराम मेघवाल बोले—लाठी के दम पर लोकतंत्र की आवाज दबाना भाजपा की तानाशाही मानसिकता
बिशनाराम सियाग ने कहा—सवालों का जवाब देने के बजाय लाठियां चलवा रही भाजपा सरकार
बीकानेर, 8 अक्टूबर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार नई दिल्ली में कांग्रेस नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार, बल प्रयोग और लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को बीकानेर में जिला कांग्रेस कमेटी शहर एवं देहात के संयुक्त तत्वावधान में विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिश्नोई धर्मशाला से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। इसके बाद केंद्र सरकार की नीतियों तथा विपक्षी नेताओं के साथ किए गए व्यवहार के विरोध में टायर जलाकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा के समर्थन में ‘लोकतंत्र बचाओ’, ‘संविधान बचाओ’ और ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ सहित विभिन्न नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, नई दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और इंडिया गठबंधन के सांसदों के साथ दुर्व्यवहार तथा बल प्रयोग किया गया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों और विपक्ष के अधिकारों के विरुद्ध बताया।
लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज सुनना सरकार की जिम्मेदारी : गोविंदराम मेघवाल
पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंदराम मेघवाल ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज सुनना सरकार की जिम्मेदारी है। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले निर्वाचित सांसदों और जनप्रतिनिधियों को रोकना तथा उनके साथ बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के नेताओं को डराया या दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस का संघर्ष किसी व्यक्ति या सत्ता के लिए नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और देश के प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा के लिए है। जब तक लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
सवालों का जवाब देने के बजाय लाठियां चलाना कमजोरी का प्रमाण : बिशनाराम सियाग
देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में सवालों का जवाब देने के बजाय लाठियों से आवाज दबाने का प्रयास सरकार की हताशा और तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। यदि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं, तो सरकार और निर्वाचन आयोग को उनका जवाब देना चाहिए, न कि विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पुलिस की लाठियां चलानी चाहिए।
सियाग ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता जनता देती है और जनता को सवाल पूछने का अधिकार भी है। सवाल पूछने वालों को डराने के लिए बल प्रयोग करना किसी सरकार की ताकत नहीं, बल्कि उसकी कमजोरी का प्रमाण है। आवाज दबाने से सवाल समाप्त नहीं होते, बल्कि वे और मजबूती से जनता के बीच पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग से जवाबदेही मांगना विपक्ष का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। राहुल गांधी सहित निर्वाचित सांसदों को बलपूर्वक रोकने का प्रयास केवल विपक्ष की आवाज दबाना नहीं, बल्कि करोड़ों मतदाताओं की आवाज का अपमान है।
नगर निगम महापौर अनिल कल्ला ने कहा कि भाजपा सरकार को समझ लेना चाहिए कि कांग्रेस के जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता लाठियों से डरने वाले नहीं हैं। सरकार चाहे जितना बल प्रयोग कर ले, लोकतंत्र और संविधान की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता गांव से लेकर दिल्ली तक संविधान, लोकतंत्र और मतदाता के अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा है। जिस सरकार को अपने काम पर भरोसा होता है, वह सवालों के जवाब देती है। उन्होंने भाजपा सरकार से सत्ता के अहंकार से बाहर निकलकर लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करने की बात कही।
लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर उठाए सवाल : यशपाल गहलोत
पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार के शासन में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और विपक्ष की आवाज को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन लोकतंत्र की रक्षा के लिए है। जनता के वोट से चुने गए जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने से रोकना लोकतंत्र का अपमान और संविधान की अवहेलना है। कांग्रेस संसद से लेकर सड़क तक जनता के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी।
बड़ी संख्या में कांग्रेसजन रहे मौजूद
जिला कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव प्रहलाद सिंह मार्शल के अनुसार, विरोध प्रदर्शन में गजेन्द्रसिंह सांखला, जियाउर रहमान, डॉ. प्रीति मेघवाल, शशिकला राठौड़, सतू खान पडिहार, श्रीकृष्ण गोदारा, करणीसिंह राजपुरोहित, ओमप्रकाश लोहिया, केदारमल कठातला, हजारीमल देवड़ा, गणपतराम सीगड़, शहजाद भुट्टा, आनन्दसिंह सोढ़ा, गुमानाराम जाखड़, बेनजीर बानो, रिछपाल सीगड़, वंदना गुप्ता, लक्ष्मी गुप्ता, शर्मिला पंचारिया, अर्जुनराम कूकणा, स्वरूपचन्द गहलोत, एडवोकेट लेखराम धतरवाल, अम्बाराम इणखिया, जयकिशन गहलोत, धनसुख आचार्य, कर्नल शिशुपाल सिंह, पार्षद बाबूलाल जल, जयप्रकाश, राहुल जादुसंगत, दुर्गादास छंगाणी, मनोज किराडू, पृथ्वीचन्द, अनीस अली, पवन कुमार, जावेद खान, सुभाष स्वामी, शलीन खां, प्रेमकुमार दैया, मदन सियाग, असगर अली, विनय कुमार आचार्य, एडवोकेट कमल साध, हेतराम, युनिस अली, रामनाथ आचार्य, धर्मवीर नाहटा, विकास धरट, जयप्रकाश, अर्जुनराम, अश्वनी मिड्ढा, संजय गोयल, कामेश्वर प्रताप सिंह, अविनाश व्यास, गीतादेवी, अशोक प्रेमी, मुलाराम, ओमप्रकाश शर्मा, राजकुमार हटीला, एजाज पठान, कमल गोयल, मोहम्मद इस्माईल, नितिन वत्सस, ओमप्रकाश सेन, प्रेमप्रकाश सारण, रामसिंह मेघवाल, मनोहर चांवरिया, मोहम्मद फारूक, खेराज चौधरी, पन्नाराम नायक, डुंगरमल प्रजापत, दिलीप सिंह, मुरली राजपुरोहित, गोरधन डूडी, नवल पुरोहित, सरिता व्यास, भवानी शंकर, गौरीशंकर, शिवप्रकाश सारस्वत, प्रमोद सिंघल, जितेन्द्र सिंह, लाभूराम, दिनेश मीणा, नन्दलाल जावा, मनोजकुमार मूंड, सीताराम डूडी, अभिषेक सिंह शेखावत, भानुप्रताप सिंह, मनोज नागल, मुलचन्द गुर्जर, बीरबल मूंड, ओम जनागल, सुरेन्द्र सिंह राठौड़, कैलाश, ताहिर हसन कादरी, कन्हैयालाल शर्मा, रविन्द्र पंडित, मुंशीलाल और अशोक बौद्ध सहित अनेक कांग्रेसजन मौजूद रहे।
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